Nagpur Crime: गांव जाने निकले मजदूर के लिए ‘काल’ बना ऑटो! बेरहमी से पीटा, ₹2500 लूटे और सड़क पर फेंका; खौफनाक मर्डर का CCTV से खुलासा

नागपुर: महाराष्ट्र के उपराजधानी नागपुर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। अपने गांव लौटने की उम्मीद में निकले एक मासूम मजदूर को शराब के नशे में धुत लुटेरों ने अपनी हैवानियत का शिकार बना लिया। स्टेशन छोड़ने का झांसा देकर आरोपियों ने मजदूर को ऑटो में बैठाया, घंटों शहर में घुमाकर बेरहमी से पीटा, पैसे लूटे और फिर चलती गाड़ी से सड़क पर मरने के लिए फेंक दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ चुके इस मजदूर के ‘अंधे कत्ल’ की गुत्थी को क्राइम ब्रांच ने 100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर सुलझा लिया है।

स्टेशन जाने के लिए जाल में फंसा मजदूर

मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी 32 वर्षीय हेमलाल धृतलहरे के रूप में हुई है, जो नागपुर में रहकर मजदूरी करता था। घटना वाले दिन हेमलाल अपने गांव जाने के लिए आजमशाह चौक पर किसी वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान देर रात शराब के नशे में धुत तीन बदमाश ऑटो लेकर वहां पहुंचे। हेमलाल के हाथ में बैग देखकर बदमाशों की नीयत डोल गई। जब हेमलाल ने बताया कि उसे इतवारी रेलवे स्टेशन जाना है, तो आरोपियों ने उसे झांसा देकर ऑटो में बैठा लिया।

सिर्फ ₹2500 के लिए ली जान, चलती गाड़ी से फेंका

हैवानियत की हदें पार: आरोपी हेमलाल को स्टेशन ले जाने के बजाय शहर की सूनी सड़कों पर घुमाते रहे। रास्ते में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसकी जेब में रखे मात्र 2500 रुपये लूट लिए गए। इसके बाद जब आरोपियों ने उसका बैग खंगाला और उसमें कुछ कीमती नहीं मिला, तो उन्होंने पहले बैग को सड़क पर फेंका और फिर लहूलुहान हेमलाल को चलती गाड़ी से बाहर फेंक कर फरार हो गए।

कैसे खुली ‘परफेक्ट मर्डर’ की फाइल? ऑटो के सुराग ने पहुंचाया जेल

सड़क किनारे गंभीर हालत में मिले हेमलाल को लकड़गंज पुलिस ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद नागपुर क्राइम ब्रांच की यूनिट-3 ने तफ्तीश का मोर्चा संभाला।

क्राइम ब्रांच यूनिट 3 के पुलिस निरीक्षक अतुल मोहनकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके के 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इस दौरान एक संदिग्ध ऑटो दिखाई दिया, जिसमें दो बेहद खास सुराग थे:

  1. ऑटो का गोल साइड मिरर (Side Mirror)
  2. ऑटो के पीछे लगा फटा हुआ कपड़ा

इसी बारीक सुराग का पीछा करते हुए पुलिस असली ऑटो मालिक तक पहुंच गई। मालिक ने बताया कि पिछले 20 दिनों से यह ऑटो मोहम्मद आसिफ साजिद शेख नाम का युवक किराए पर चला रहा था।

मुख्य आरोपी ने उगला राज, 3 गिरफ्तार

पुलिस ने घेराबंदी कर मोहम्मद आसिफ को हिरासत में लिया, जिसने कड़ी पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में शामिल उसके दो अन्य साथियों प्रफुल चौधरी और मोहम्मद आसिफ उर्फ मोनू को भी धर दबोचा। पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लकड़गंज पुलिस के हवाले कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!