
Nagpur Crime & Protest News: नागपुर की अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक भूमि, दीक्षाभूमि परिसर से एक बेहद झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर कॉलेज के सामने बौद्ध भिक्षुणी विशाखा पर कुछ समाजकंटकों द्वारा कायरतापूर्ण हमला किया गया। नारी अस्मिता और धम्म की गरिमा को तार-तार करने वाली इस हरकत के खिलाफ अब बौद्ध समाज और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? पवित्र चीर (वस्त्र) खींचने की हुई घिनौनी कोशिश
शिकायत में लगाए गए आरोप रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। लाखों लोगों की आस्था के केंद्र दीक्षाभूमि जैसी पावन जगह पर ऐसी वारदात से नागपुर शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
- 10 जुलाई की घटना: प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी सनसनीखेज वारदात 10 जुलाई 2026 की है।
- नामजद आरोपियों की करतूत: आरोप है कि माया उके, मंगला के, और किशोर गडाम ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर न सिर्फ बौद्ध भिक्षुणी विशाखा पर जानलेवा हमला किया, बल्कि सरेआम उनके पवित्र चीर (वस्त्र) को भी खींचने की लज्जास्पद और घिनौनी कोशिश की।
संघमित्रा ढोके के नेतृत्व में नागपुर पुलिस कमिश्नर दफ्तर का घेराव
इस संवेदनशील मामले के सामने आते ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद की महाराष्ट्र प्रदेश महिला अध्यक्ष संघमित्रा मोरेश्वर ढोके के नेतृत्व में एक आक्रामक प्रतिनिधिमंडल ने सीधे नागपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय (CP Office) कूच किया और वहां का घेराव किया।
- सौंपा गया सख्त ज्ञापन: संगठन ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों को बिना किसी देरी के तुरंत जेल भेजने की मांग की है।
- प्रदर्शन में शामिल दिग्गज: इस उग्र प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन की प्रदेश महासचिव मृणालिनी दहीवड़े और उपाध्यक्ष माधुरी लोखंडे समेत भारी संख्या में महिला कार्यकर्ता और समाज के प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।
प्रशासन को खुली चेतावनी: “तुरंत गिरफ्तारी नहीं हुई, तो सड़कें जाम होंगी”
परिषद की महिला अध्यक्ष संघमित्रा ढोके और अन्य महिला नेताओं ने साफ लफ्जों में पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि दीक्षाभूमि जैसे पावन स्थल की पवित्रता और किसी महिला की अस्मिता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन का कड़ा रुख: “यदि पुलिस प्रशासन ने आरोपी माया उके, मंगला के और किशोर गडाम सहित अन्य सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में नागपुर की सड़कों पर एक बहुत बड़ा और बेहद उग्र आंदोलन देखने को मिलेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
इस मामले में अब नागपुर पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। पूरा समाज इस वक्त पीड़िता भिक्षुणी विशाखा को न्याय दिलाने के लिए एक साथ खड़ा नजर आ रहा है।
