
बालाघाट। महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित 14वीं जूनियर राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप (14th Junior National Pencak Silat Championship) में बालाघाट के होनहार खिलाड़ियों ने वो कर दिखाया है, जिसने पूरे मध्य प्रदेश का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। देश भर से आए करीब 1900 धुरंधर खिलाड़ियों के बीच बालाघाट के ‘लालों’ ने अपनी कला और ताकत का ऐसा लोहा मनवाया कि हर कोई दंग रह गया। मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे 4 खिलाड़ियों के इस दल ने 2 स्वर्ण (Gold) और 2 कांस्य (Bronze) पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर इतिहास रच दिया है।
खिलाड़ियों के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद जैसे ही वे वापस बालाघाट स्टेशन पहुंचे, पूरा स्टेशन परिसर भारत माता की जय और फूल-मालाओं से गूंज उठा।
ओम सोनकर और विहान बिसेन ने जीता गोल्ड, देश भर के 1900 खिलाड़ियों को पछाड़ा
इस राष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता में मुकाबला बेहद कड़ा था। देश के कोने-कोने से आए 1900 खिलाड़ियों के बीच बालाघाट के ओम सोनकर ने अपने शानदार खेल और फुर्ती से सबका दिल जीत लिया। ओम ने बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन करते हुए तुंगल इवेंट में गोल्ड मेडल (Gold Medal) और टेंडिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल (Bronze Medal) अपने नाम कर दोहरा गौरव हासिल किया।
वहीं, सब-जूनियर वर्ग में बालाघाट के उभरते खिलाड़ी विहान बिसेन ने अपनी कैटेगरी में प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। इसके अलावा, टीम के एक और शानदार खिलाड़ी सोहम बैरा ने भी अपनी कैटेगरी में जबरदस्त फाइट करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता और जिले की झोली में एक और पदक डाल दिया।
फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों से हुआ जोरदार स्वागत
“जब इरादे फौलादी हों, तो जीत निश्चित हो जाती है। बालाघाट के इन बच्चों ने सीमित संसाधनों के बावजूद नेशनल लेवल पर जो मुकाम हासिल किया है, वह हर युवा के लिए प्रेरणा है।”
चैंपियनशिप में अपना परचम लहराकर जब यह जांबाज खिलाड़ी बालाघाट रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो वहां का नजारा देखने लायक था। खेल प्रेमियों, परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने खिलाड़ियों को पलकों पर बिठा लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए लोगों ने खिलाड़ियों को फूल-मालाओं से लाद दिया। पूरा स्टेशन परिसर देशभक्ति के नारों और ‘बालाघाट के शेरों’ के जयकारों से गूंज उठा।
पेंचक सिलाट (Pencak Silat) में क्यों खास है यह जीत?
पेंचक सिलाट एक पारंपरिक मार्शल आर्ट्स है जिसमें फुल-बॉडी फाइटिंग, वेपन्स और फॉर्म्स शामिल होते हैं। अब यह खेल भारत में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और इसे खेल मंत्रालय से मान्यता भी प्राप्त है। ऐसे कठिन और फुर्ती वाले खेल में नेशनल लेवल पर मेडल लाना बालाघाट में मार्शल आर्ट्स के बढ़ते क्रेज और बेहतरीन ट्रेनिंग को दर्शाता है।
इस गौरवशाली सफलता पर जिले के खेल संघों, प्रशिक्षकों और गणमान्य नागरिकों ने खिलाड़ियों और उनके कोच को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी इन युवा चैंपियंस की तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं और लोग इन्हें ‘बालाघाट के असली हीरो’ बता रहे हैं।
