
महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में नागपुर शहर के पीने के पानी की गंभीर समस्या का मुद्दा गरमा गया है। भाजपा के कद्दावर नेता और विधायक डॉ. परिणय फुके (BJP MLA Dr. Parinay Fuke) ने सदन में नागपुरवासियों को मिल रहे गंदे और दूषित पानी की समस्या को बेहद आक्रामक ढंग से उठाया। उन्होंने नागपुर महानगर पालिका (NMC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उपराजधानी की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है और जो पानी मिल भी रहा है, वह जहरीला है।
इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए उद्योग मंत्री उदय सामंत (Udyog Mantri Uday Samant) ने इस पूरे मामले की जांच के लिए नागपुर महानगर पालिका क्षेत्र के सभी विधायकों की एक विशेष समिति (Special Committee) बनाने का बड़ा आश्वासन दिया है।
गर्मियों में किल्लत, मानसून में ‘जहर’: परिणय फुके का तीखा हमला
सदन को संबोधित करते हुए डॉ. परिणय फुके ने नागपुर के जल वितरण सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि:
- गर्मियों का हाल: भीषण गर्मी के दिनों में नागपुर के केवल 50 प्रतिशत हिस्से में ही पानी की आपूर्ति हो पाती है। आधा शहर पानी की किल्लत से जूझता है।
- मानसून का संकट: जैसे ही मानसून की शुरुआत होती है, नागपुर की 90 प्रतिशत जनता दूषित और गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हो जाती है। जलापूर्ति लाइनों में लीकेज और जलशोधन (Water Treatment) की खामियों के कारण घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है, जिससे महामारी का खतरा बढ़ गया है।
“नागपुर में जलापूर्ति की इस योजना की हकीकत बेहद दर्दनाक है। खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने भी इस योजना की विफलता को स्वीकार किया था और नागपुर की जनता से इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।” – डॉ. परिणय फुके, विधायक (भाजपा)
उद्योग मंत्री उदय सामंत का बड़ा आश्वासन: बनेगी विशेष जांच समिति
विधायक फुके के इस आक्रामक रुख और नागपुर की जनता के हक की आवाज उठाने के बाद सदन में इस पर गंभीरता से चर्चा हुई। विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों की चिंताओं को देखते हुए उद्योग मंत्री उदय सामंत ने सरकार का रुख साफ किया।
सामंत ने सदन को आश्वस्त किया कि नागपुर शहर के नागरिकों के स्वास्थ्य और पानी की समस्या के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि नागपुर मनपा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विधायकों को शामिल कर एक ‘विशेष समिति’ का गठन किया जाएगा। यह समिति नागपुर की जलापूर्ति योजना, पानी की गुणवत्ता और वितरण में हो रही धांधली की बारीकी से जांच करेगी और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
