नागपुर में मदरसे में सो रहे मासूम बच्चों के साथ शिक्षक ने ही की हैवानियत, 10 बच्चे रेस्क्यू; आरोपी फरार

नागपुर (न्यूज भारत): महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के ताजबाग इलाके में स्थित एक मदरसे में धार्मिक शिक्षा ले रहे नाबालिग बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की सनसनीखेज घटना उजागर हुई है। खास बात यह है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की जिम्मेदारी जिस शिक्षक पर थी, वही इस घिनौनी करतूत का मुख्य आरोपी निकला। इस घटना के बाद से पूरे नागपुर शहर में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

रात के अंधेरे में वारदात को दिया अंजाम

​पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, यह शर्मनाक घटना 18 जून की तड़के करीब 3 बजे की है। आरोपी शिक्षक, जिसकी पहचान 26 वर्षीय अताय रसूल उर्फ तालीफ के रूप में हुई है, रात के वक्त बच्चों के हॉस्टल के कमरे में घुसा। वहां उसने गाढ़े अंधेरे और गहरी नींद का फायदा उठाकर मध्य प्रदेश के रहने वाले एक 16 वर्षीय छात्र के साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण (विनयभंग) का प्रयास किया।

​पीड़ित बच्चे की जब अचानक नींद खुली, तो उसने आरोपी का कड़ा विरोध किया। विरोध करने पर आरोपी शिक्षक ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। उसी रात आरोपी ने पास ही सो रहे एक अन्य मासूम बच्चे के साथ भी ऐसी ही हरकत करने की कोशिश की।

पीड़ित बच्चे ने दिखाया साहस, हुआ भंडाफोड़

​इस खौफनाक अनुभव के बाद, मध्य प्रदेश के रहने वाले 16 वर्षीय पीड़ित छात्र ने हिम्मत दिखाई। उसने अगले ही दिन सुबह मदरसे के प्रबंधन और मुख्य मौलाना को इस बात की जानकारी दी। जब मामले की गंभीरता सामने आई, तो बाल संरक्षण अधिकारी और पुलिस को सूचित किया गया। सक्करदरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रात के वक्त ही मामला दर्ज किया और कार्रवाई शुरू की। हालांकि, पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी शिक्षक अताय रसूल मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

10 बच्चे किए गए रेस्क्यू, अन्य राज्यों से लाए गए थे मासूम

​शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस छोटे से कमरे वाले मदरसे में बिहार और मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों से करीब 10 नाबालिग बच्चों को लाकर रखा गया था। पुलिस ने इन सभी 10 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू (मुक्त) करा लिया है।

​राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने भी इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। अधिकारियों का मानना है कि मामले की गहराई से जांच होने पर पीड़ितों की संख्या और भी बढ़ सकती है। आयोग ने कहा है कि कुछ महीने पहले ही सभी मदरसों को कड़े निर्देश दिए गए थे कि बाहर के राज्यों से बच्चे लाने पर नियमों का सख्ती से पालन हो।

बच्चों की सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल

​इस घटना ने एक बार फिर बाहरी राज्यों से नागपुर लाए जा रहे बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि इन बच्चों को आधुनिक शिक्षा (जैसे विज्ञान या गणित) न देकर केवल एक ही कमरे में बंद रखा जा रहा था। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि बच्चों को यहां किस आधार पर लाया गया था और इस पूरे मामले के पीछे कौन-कौन शामिल है।

​सक्करदरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच तेज कर दी है।

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