सड़क या मौत का कुआं? पिपरटोला से चिचटोला मार्ग पर जान हथेली पर रखकर चलने को मजबूर मासूम बच्चे और ग्रामीण, जनप्रतिनिधि का आश्वासन निकला खोखला

विकास के दावों की खुली पोल: हर दिन हजारों लोग दांव पर लगा रहे अपनी जान झालीया (पिपरटोला): एक तरफ जहां सरकारें चमचमाती सड़कों और ग्रामीण विकास के बड़े-बड़े दावे…

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