
महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे सरेआम एक-दूसरे की जान लेने पर उतारू हैं। नागपुर के पाचपावली थाना क्षेत्र में बीती आधी रात गैंगवार की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक मकोका (MCOCA) आरोपी पर दो बाइकों पर सवार होकर आए हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हालांकि, निशाना चूकने की वजह से आरोपी की जान बाल-बाल बच गई। इस वारदात के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और नागपुर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शनिवार बाजार में आधी रात गूंजी गोलियों की आवाज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना पाचपावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शनिवार बाजार की है।
- समय: देर रात करीब 11:30 बजे।
- टारगेट: मकोका का आरोपी अजय चिंचखेड़े (जो महज एक दिन पहले ही जेल से बाहर आया था)।
- हमलावर: दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए चार बदमाश।
जैसे ही हमलावर अजय चिंचखेड़े के करीब पहुंचे, उनमें से एक कुख्यात बदमाश जगदीश गोखले ने पिस्तौल निकालकर अजय पर सीधे फायरिंग कर दी। गोली की आवाज सुनते ही अजय ने तुरंत वहां से भागकर अपनी जान बचाई।
जेल से छूटते ही शुरू हुआ खूनी खेल
हैरान कर देने वाली बात यह है कि पीड़ित अजय चिंचखेड़े एक दिन पहले ही मकोका के मामले में जमानत पर जेल से छूटकर बाहर आया था। वहीं, हमलावर जगदीश गोखले भी कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है; वह भी हाल ही में अपहरण के एक मामले में जमानत पर बाहर आया था।
जेल से बाहर आते ही दोनों के बीच का पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। घटना के तुरंत बाद अजय चिंचखेड़े ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और घटनास्थल से मिला जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंप दिया।
क्यों हुई फायरिंग? क्या है विवाद की वजह?
पाचपावली पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस गैंगवार की मुख्य वजह पैसों के लेन-देन का पुराना विवाद और वर्चस्व की लड़ाई है। दोनों ही बदमाशों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जेल से बाहर आने के बाद दोनों के बीच रंजिश और ज्यादा बढ़ गई थी, जिसके चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस एक्शन मोड में: क्राइम ब्रांच की टीमें रवाना
इस हाई-प्रोफाइल फायरिंग की घटना के बाद नागपुर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है।
पुलिस का बयान: “पाचपावली पुलिस और नागपुर क्राइम ब्रांच (Crime Branch) की कई टीमें फरार आरोपी जगदीश गोखले और उसके तीन साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
इस घटना ने नागपुर में बढ़ रहे क्रिमिनल गैंग्स के नेटवर्क और उनके पास मौजूद अवैध हथियारों की उपलब्धता पर एक बार फिर मुहर लगा दी है।
नागपुर में बढ़ती गैंगवार और अपराधियों के बेखौफ अंदाज पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें और इस खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करें।
