
agpur Cyber Crime News: नागपुर में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इस बार शातिर ठगों ने लकड़गंज इलाके के एक नामी होटल व्यवसायी को अपना निशाना बनाया है। ठगों ने व्यवसायी के बैंक खाते में सेंध लगाकर करीब 4 लाख 82 हजार रुपये पार कर दिए। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित को भनक तक नहीं लगी और जब उन्होंने अपना बैंक स्टेटमेंट चेक किया, तब इस महाठगी का खुलासा हुआ। लकड़गंज पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है।
अप्रैल से जून के बीच टुकड़ों में उड़ाई रकम
यह सनसनीखेज मामला लकड़गंज थाना क्षेत्र के जूनी मंगलवारी इलाके का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ‘सूर्यकांत सावजी भोजनालय’ के संचालक संजू बत्तासे का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में खाता है।
शातिर साइबर ठगों ने उनके खाते से 4 अप्रैल से 30 जून 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए। ठगों ने बेहद चालाकी से कभी 5 हजार तो कभी 1 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की, ताकि एक बार में पीड़ित को शक न हो।
बैंक स्टेटमेंट देखते ही उड़ गए होश
पीड़ित संजू बत्तासे को इस ठगी का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। जब 3 जुलाई को उन्होंने अपने व्यवसाय का लेखा-जोखा देखने के लिए बैंक स्टेटमेंट निकाला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते से कुल 4,82,000 रुपये गायब थे। इसके तुरंत बाद उन्होंने लकड़गंज पुलिस स्टेशन पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज, साइबर सेल एक्टिव
पुलिस कार्रवाई पर बड़ा अपडेट: लकड़गंज पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (Fraud) और आईटी एक्ट (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नागपुर पुलिस की स्पेशल साइबर सेल को भी जांच में लगा दिया गया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स को ट्रैक कर रही है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है।
इस पूरे मामले पर लकड़गंज थाना के मुकुंद कवाडे ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और आईपी एड्रेस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही साइबर ठग पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए नागपुर पुलिस की सलाह:
- नियमित रूप से चेक करें अकाउंट: अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट हर हफ्ते या महीने में जरूर चेक करें।
- अलर्ट चालू रखें: बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर पर SMS और ईमेल अलर्ट हमेशा एक्टिव रखें ताकि हर ट्रांजेक्शन की तुरंत जानकारी मिले।
- ओटीपी और पिन रखें गुप्त: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP, UPI पिन या नेट बैंकिंग पासवर्ड शेयर न करें।
- तुरंत करें शिकायत: अगर आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
