
नागपूर | मोहन नागेश्वर
नागपुर के इमामवाड़ा बस डिपो से तड़के चोरी हुई एक निजी बस को अमरावती पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज ९ घंटों के भीतर बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक अंतरराज्यीय वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को दोपहर करीब १२ बजे अमरावती के फरशी स्टॉप क्षेत्र से चोरी की बस सहित हिरासत में लिया गया। ज़ब्त की गई बस का पंजीकरण संख्या MH-49-BZ-8258 है।गिरफ्तार आरोपी की पहचान विष्णु गणपति नीलावार (उम्र २३ वर्ष, निवासी: राजगोडा, तेलंगाना) के रूप में हुई है।बंद सीसीटीवी (CCTV) का फायदा उठाकर वारदात को दिया अंजामप्राप्त जानकारी के अनुसार, इमामवाड़ा डिपो परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद होने का फायदा उठाकर आरोपी ने चार्जिंग के लिए खड़ी बस को तड़के करीब ३ बजे चुरा लिया था। डिपो से बस चोरी होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत सतर्क हुआ और विभिन्न क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू किया गया।गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की घेराबंदीइसी दौरान अमरावती के राजापेठ थाना अंतर्गत बीट मार्शल को गुप्त सूचना मिली कि चोरी की गई बस फरशी स्टॉप इलाके में देखी गई है। इस जानकारी पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल जाल बिछाया और घेराबंदी कर आरोपी को बस सहित दबोच लिया।देश भर से २० बसें चोरी करने का सनसनीखेज खुलासापुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी विष्णु ने नागपुर से बस चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके साथ ही उसने एक अत्यंत चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह अब तक महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से लगभग २० बसें चुरा चुका है।जांच में सामने आया आपराधिक इतिहास: पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ इससे पहले नांदेड़ के वजीराबाद पुलिस स्टेशन और आंध्र प्रदेश के निर्मल पुलिस स्टेशन में वाहन चोरी के मामले दर्ज हैं। आरोपी चुराई गई बसों से बैटरी, टायर, डिस्क और अन्य महंगे पुर्जे निकालकर उन्हें बाजार में बेच दिया करता था।आगामी कानूनी कार्रवाईराजापेठ पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब १ करोड़ ५३ लाख रुपये मूल्य की बस को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में मूल शिकायत नागपुर के गणेशपेठ थाने में दर्ज कराई गई थी, जिसके चलते आगामी कानूनी प्रक्रिया और विस्तृत जांच के लिए आरोपी को गणेशपेठ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।यह पूरी सफलता पुलिस आयुक्त राकेश ओला और अपर पुलिस आयुक्त संजय खड़ताले के मार्गदर्शन में राजापेठ पुलिस थाने की टीम द्वारा हासिल की गई।
