नागपुर: महाराष्ट्र के उपराजधानी नागपुर के गिट्टीखदान इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और डराने वाला मामला सामने आया है। यहाँ की स्वामी कॉलोनी में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घर से निकलना दूभर हो चुका है। हाल ही में मंदिर जा रही एक बेकसूर महिला पर कुत्तों के पूरे झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच डाला। इस घटना के बाद पूरी कॉलोनी में दहशत और गुस्से का माहौल है, जिसके बाद मामला अब पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया है।
भक्ति के रास्ते में ‘काल’ बनकर टूटे आवारा कुत्ते!
मिली जानकारी के मुताबिक, गिट्टीखदान थाना क्षेत्र के स्वामी कॉलोनी फेस-1 में रहने वाली 42 वर्षीय किरण मिश्र ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामला उस वक्त गंभीर हो गया जब 5 जून की शाम प्रेरणा नगर की रहने वाली एक महिला रोजाना की तरह भगवान के दर्शन के लिए मंदिर जा रही थी। तभी अचानक रास्ते में बैठे 15 से 16 कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। महिला ने खुद को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कुत्तों ने उसे पैरों पर कई जगह से बुरी तरह काट लिया। लहूलुहान हालत में महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना पड़ा।
एक महिला की इस ‘आदत’ से खतरे में पूरी कॉलोनी की जान?
स्थानीय रहवासियों और पीड़िता का आरोप है कि इस पूरे आतंक के पीछे कॉलोनी की ही एक महिला की लापरवाही है। शिकायत के अनुसार, वह महिला पिछले कई सालों से अपने घर के ठीक सामने रोजाना 15 से 20 आवारा कुत्तों को खाना खिलाती है। खाना मिलने के लालच में ये कुत्ते दिन-रात उसी जगह डेरा जमाए रहते हैं। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि वे पशु क्रूरता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सार्वजनिक रास्ते पर इस तरह आवारा कुत्तों की फौज खड़ी करना पूरी कॉलोनी की सुरक्षा को ताक पर रखना है।
बच्चे और बुजुर्ग घर में कैद, पुलिस और मनपा से गुहार
रहवासियों ने बताया कि ये कुत्ते अब बेहद हिंसक हो चुके हैं। यहाँ से गुजरने वाले हर राहगीर और दोपहिया वाहन चालकों के पीछे ये भौंकते हुए दौड़ते हैं। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि छोटे बच्चों का घरों से बाहर निकलना और बुजुर्गों का टहलना पूरी तरह बंद हो चुका है।
घटना के बाद भड़के क्षेत्रवासियों ने नागपुर महानगरपालिका (मनपा) और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:
- इलाके में घूम रहे इन खतरनाक आवारा कुत्तों को तत्काल वहां से हटाया जाए।
- सार्वजनिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले और जिम्मेदारी न समझने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है या इस पीड़ित महिला की शिकायत पर तुरंत एक्शन लेता है।
