
नागपुर: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के हाई-प्रोफाइल इलाके सिविल लाइंस स्थित हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश अनिल किलोर के सरकारी आवास “स्नेह बंगला” में एक बेहद विषैला नाग (Cobra) निकलने से हड़कंप मच गया। पिछले तीन दिनों से यह नाग बंगले के इर्द-गिर्द मंडरा रहा था, जिससे कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की सांसें अटकी हुई थीं।
इन्वर्टर के नीचे छिपा था ‘जहरीला नाग’, फुफकार मारकर किया हमला
सोमवार को जब नाग बंगले के पिछले हिस्से में दोबारा देखा गया, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। कंट्रोल रूम से जानकारी मिलते ही वाइल्डलाइफ रेस्क्यूअर (सर्पमित्र) शुभम पराळे एक्शन में आए। शुभम उस वक्त मानकापुर इलाके में सीसीटीवी कैमरा फिटिंग का काम कर रहे थे, लेकिन खतरे की गंभीरता को देखते हुए वह अपना काम बीच में ही छोड़कर मात्र 10 मिनट के भीतर ‘स्नेह बंगले’ पहुंच गए।
जब बंगले के भीतर सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, तो नाग एक इन्वर्टर के नीचे छिपा बैठा था। जैसे ही उसे बाहर निकालने की कोशिश की गई, गुस्से में तमतमाए नाग ने अपना विशाल फन फैला लिया। उसने सर्पमित्र पर फुफकारते हुए डसने के लिए कई बार हमला किया।
जान जोखिम में डालकर किया सुरक्षित रेस्क्यू
वहां मौजूद लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई थीं, लेकिन सर्पमित्र शुभम पराळे ने गजब के धैर्य और साहस का परिचय दिया। बिना डरे और सांप को बिना कोई चोट पहुंचाए, शुभम ने कुछ ही मिनटों की कड़ी मशक्कत के बाद उस खतरनाक नाग पर काबू पा लिया और उसे एक सुरक्षित कंटेनर में बंद कर दिया। तब जाकर बंगले के स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के हवाले किया गया नाग
रेस्क्यू के तुरंत बाद नाग को वन विभाग के सेमिनरी हिल्स स्थित टीटीसी ट्रांजिट सेंटर (TTC) ले जाया गया। वहां जरूरी पंचनामा और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद विषैले नाग को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया, ताकि उसे वापस सुरक्षित जंगल में छोड़ा जा सके। समय रहते हुई इस कार्रवाई की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।
वन विभाग की अपील: बारिश और गर्मी के इस मौसम में सांप अक्सर रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। वन विभाग ने नागपुर के नागरिकों से अपील की है कि सांप दिखने पर उसे खुद पकड़ने या मारने की गलती बिल्कुल न करें। तुरंत कंट्रोल रूम या किसी प्रशिक्षित सर्पमित्र को इसकी सूचना दें।
