नागपुर: न्याय की उम्मीद में कोर्ट के चक्कर काट रहे पीड़ितों को डराना-धमकाना अपराधियों के लिए आम बात बनती जा रही है। नागपुर के इमामवाड़ा इलाके से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ अपने पति की हत्या के मामले में कोर्ट में गवाही देना एक महिला को भारी पड़ गया। जेल से जमानत पर बाहर आते ही मुख्य आरोपी महिला के घर जा धमका और गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दे डाली। हालांकि, महिला की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी के खिलाफ नया मामला दर्ज कर उसे फिर से सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
जमानत मिलते ही महिला के घर पहुंचा कातिल
यह खौफनाक मामला इमामवाड़ा थाना क्षेत्र का है। यहाँ रहने वाली 50 वर्षीय एक महिला के पति की इसी साल जनवरी 2026 में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मर्डर केस का मुख्य आरोप कुंदन चव्हाण और उसके एक साथी पर था। महिला के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने तब तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हाल ही में कानूनी प्रक्रिया के तहत मुख्य आरोपी कुंदन चव्हाण अपने साथी के साथ कोर्ट से जमानत (Bail) पाकर जेल से बाहर आया था। बाहर आते ही उसने सुधरने के बजाय पीड़िता को ही निशाना बनाने की साजिश रच डाली।
“गवाही दी तो जान से मार दूंगा” – गवाही वापस लेने का बनाया दबाव
आरोप है कि 18 जून को आरोपी कुंदन चव्हाण अचानक पीड़िता के घर के बाहर आ धमका। उसने महिला पर इस बात को लेकर गुस्सा निकाला कि वह अदालत में उसके खिलाफ गवाही क्यों दे रही है। आरोपी ने सरेआम अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की और महिला पर कोर्ट में अपनी गवाही वापस लेने का दबाव बनाया। उसने साफ शब्दों में महिला को धमकी दी कि अगर उसने कोर्ट में मुंह खोला, तो उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा।
सहम गई थी पीड़िता: पति को खोने के बाद पहले से ही सदमे में जी रही महिला इस अचानक मिली धमकी से बुरी तरह डर और सहम गई। उसने बिना वक्त गंवाए सीधे इमामवाड़ा थाना पहुंचकर आपबीती सुनाई।
पुलिस ने तुरंत जाल बिछाकर आरोपी को फिर दबोचा
मामले की संवेदनशीलता और गवाह की सुरक्षा को देखते हुए इमामवाड़ा पुलिस तुरंत हरकत में आई। इमामवाड़ा थाने के पुलिस निरीक्षक (PI) जयवंत पाटिल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी कुंदन चव्हाण के खिलाफ धमकी और गाली-अगलौज की संबंधित धाराओं के तहत नया मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने साफ किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले और गवाहों को डराने वाले अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
