नागपुर: नागपुर के सोनेगांव इलाके में एक विवाहित महिला के कथित शोषण, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस सनसनीखेज मामले में पिछले कई दिनों से फरार चल रहे तीसरे मुख्य आरोपी मौलाना ने आखिरकार चौतरफा बढ़ते दबाव के बाद पुलिस के सामने घुटने टेक दिए हैं। आरोपी के आत्मसमर्पण (Surrender) करने के बाद सोनेगांव पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया है। अब इस मामले के तीनों आरोपी पुलिस के शिकंजे में हैं।
देर रात खुद थाने पहुंचा आरोपी मौलाना
मिली जानकारी के मुताबिक, इस केस में नामजद तीसरा आरोपी हजरत मौलाना मजरत महमूद मकसूद लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। लेकिन सोनेगांव पुलिस की बढ़ती दबिश के कारण बुधवार देर रात उसने खुद सोनेगांव थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
इस मामले में मुख्य आरोपी अय्याज़ ताज मदारे और उसके सहयोगी आमीन शेख को पुलिस पहले ही दबोच चुकी है। इस नए अपडेट के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया, जहाँ से अदालत ने उन्हें 3 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है।
नशीला पदार्थ देकर बनाया वीडियो, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
पीड़ित महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की कहानी बेहद खौफनाक है। महिला का आरोप है कि उसके एक पूर्व क्लासमेट (मुख्य आरोपी) ने उसे धोखे से नशीला पदार्थ पिलाया और एक होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपियों ने महिला की कुछ बेहद आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए।
लाखों की उगाही और धर्मांतरण का दबाव: इसके बाद आरोपियों ने उन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और महिला के पति को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने महिला से लाखों रुपये ऐंठ लिए और उस पर जबरन इस्लाम धर्म अपनाने का भारी दबाव बनाया।
तांत्रिक क्रियाएं और काला जादू का भी आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी चौंकाने वाला खुलासा किया है कि आरोपियों ने उसे मानसिक रूप से तोड़ने के लिए कुछ कथित धार्मिक और तांत्रिक प्रक्रियाओं (Occult Practices) का सहारा लिया। इसके तहत उसे जबरन मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रेप (Rape), जबरन धर्मांतरण (Forced Conversion), और महाराष्ट्र के काला जादू निषेध कानून (Anti-Black Magic Act) के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
चैट्स और बैंक ट्रांजैक्शन खंगाल रही है पुलिस
सोनेगांव पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपियों के मोबाइल चैट्स, घटना वाले ठिकानों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और बैंकों के लेन-देन (Financial Transactions) से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगालने में जुटी है। पुलिस को शक है कि इस रैकेट के तार अन्य लोगों से भी जुड़े हो सकते हैं।
