नागपुर: नागपुर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों आरपीएफ (RPF) की चौकसी इतनी तगड़ी है कि तस्करों की हर चालाकी फेल हो रही है। ऐसा ही एक ताजा मामला रेलवे स्टेशन से सामने आया है, जहाँ एक 19 साल का युवक आम यात्री बनकर ट्रॉली बैग में गांजे की बड़ी खेप ले जा रहा था। लेकिन उसकी किस्मत खराब थी, क्योंकि मौके पर आरपीएफ का जांबाज स्निफर डॉग (नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग) ‘प्रिंस’ तैनात था। प्रिंस ने अपनी सूंघने की जबरदस्त क्षमता से बैग में छिपे गांजे को पकड़वा दिया।

प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर घूम रहा था संदिग्ध
यह पूरी कार्रवाई नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर अजनी छोर के पास हुई। आरपीएफ के जवान जब रूटीन गश्त पर थे, तभी उन्हें एक युवक अजीब तरीके से ट्रॉली बैग लेकर घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही उसके चेहरे का रंग उड़ गया। जब जवानों ने उससे पूछताछ की, तो वह हड़बड़ा गया और सीधे-सीधे जवाब नहीं दे पाया।
स्निफर डॉग ‘प्रिंस’ ने एक झटके में पकड़ा झूठ
युवक की हरकतें देखकर आरपीएफ का शक यकीन में बदल गया। इसके बाद तुरंत आरपीएफ के स्पेशल नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग “प्रिंस” को मौके पर बुलाया गया। प्रिंस ने जैसे ही युवक के ट्रॉली बैग को सूंघा, उसने तुरंत इशारा कर दिया कि बैग के अंदर कुछ गड़बड़ (नशीला पदार्थ) है।
चोरी छिपे पैकिंग: जब सरकारी गवाहों और अधिकारियों की मौजूदगी में बैग को खोला गया, तो पुलिस भी हैरान रह गई। बैग के अंदर खाकी रंग के टेप से बहुत ही सावधानी से लपेटे गए 6 बड़े पैकेट रखे हुए थे।
करीब ढाई लाख का गांजा बरामद, यूपी का रहने वाला है आरोपी
जब उन पैकेट्स को खोलकर जांच की गई, तो उसमें से कुल 12 किलो 370 ग्राम गांजा निकला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 47 हजार रुपये बताई जा रही है।
पकड़े गए आरोपी की पहचान 19 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है, जो मथुरा (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक आम रेल यात्री का रूप धरकर गांजे की तस्करी कर रहा था।
बड़े ड्रग्स नेटवर्क की तलाश में पुलिस
आरपीएफ ने गांजे की खेप को जब्त कर आरोपी दीपक को आगे की कार्रवाई के लिए रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि दीपक यह गांजा कहाँ से लाया था और इसे कहाँ डिलीवर करने वाला था। पुलिस को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट हो सकता है।
